Website-banane-ki-planning

जब हम अपनी वेबसाइट बनाने की शुरुवात करते है, तो उसका पहला पड़ाव वेबसाइट कैसी बनानी है उसकी प्लॅनिंग है। प्लॅनिंग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपको उद्देश्यों को पूरा करने और अपने अंतिम लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करने के लिए नींव है। नॉर्मली सभी लोग जो अपने लिए वेबसाइट बनाते है वो उसका प्लान बनाते है। लेकिन उन्हें मालूम नहीं होता के उन्होंने प्लैनिंग काम किया है। क्युकी उन्होंने कुछ लिख के प्लान नहीं बनाया होता सिर्फ दिमाग पे स्तर पे सभी काम किये होते है।

आप इस पोस्ट को पढ़ रहे है, मतलब अब तक आपने भी अपने ब्लॉग/वेबसाइट के बारे में सोचा होगा के अपनी वेबसाइट कैसी होनी चाहिए, उसमे क्या क्या डालने वाले है। इस आधार पे आप वेबसाइट बना भी लेंगे। जब हम कोई प्लान कागज पे बनाते है। तब हमें उसके बारे में सोचने का ज्यादा मौका मिलता है।

साथ ही  यह आपको फोकस रहने, लक्ष्यों और उद्देश्यों को निर्धारित करने, समय सीमा को पूरा करने, सफलता को मापने में  भी मदद करता है।

नई वेबसाइट की प्लॅनिंग करते वक्त कई व्यवसाय मालिकों द्वारा की गई एक आम गलती यह है कि वे अपने उपयोगकर्ताओं के दृष्टिकोण से चीजों पर विचार किए बिना केवल अपनी इच्छा और जरूरतों के हिसाब से अपनी वेबसाइट बनाते हैं। अपने वेबसाइट को बनाते वक्त हमारे लिए फायदेमंद निचे दिए गए कुछ बातो पे गौर करे ।

अपना उद्देश्य और लक्ष्य निर्धारित करे | 

अपनी वेबसाइट का उद्देश्य क्या है? क्या यह अपने व्यवसाय के लिए पब्लिसिटी पाने के लिए है? अपना प्रोडक्ट बेचने के लिए है ?

अपनी वेबसाइट के उद्देश्य, साथ ही साथ अपने टार्गेटेड दर्शकों की पहचान करना महत्वपूर्ण है। साथही आपको अपने लक्ष्यों को भी परिभाषित करना चाहिए।

आप प्रति माह कितने विजिटर की उम्मीद करते हैं? आप अपने न्यूज़लेटर के लिए कितनी उम्मीद करेंगे? बिक्री में आप कितना  सेल्स आने की उम्मीद करते हैं?

अपनी वेबसाइट के लिए मापने योग्य, विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करें जो आपके मार्केटिंग लक्ष्यों के अनुरूप हों। 

अपने वेबसाइट का बजट बनाए 

जब हम अपने वेबसाइट को बनाते है, तब हमें कुछ पैसे खर्च करने होते है। इसलिए पहले ही ये तय करना जरुरी है के हम अपनी नई वेबसाइट के निर्माण के लिए कितना बजेट तय कर रहे है। इससे हमें आगे जाके कोई परेशानी ना आ पाए। इसलिए आपको हमेशा अपनी वेबसाइट के खर्चों के लिए एक बजट निर्धारित करना चाहिए।

इसमें ज्यादा करके वेब डिज़ाइन, थीम, प्लगइन्स और वेब होस्टिंग के लिए बजेट शामिल होगा | इसके अलावा आपके प्रोडक्ट्स के एडवरटाइजिंग का बजेट भी इसमें शामिल करना होगा | 

वेबसाइट बनाने का कम से कम खर्चा ये अपने पे डिपेंड होता है। यदि आप खुद ही बना रहे हो तो सिर्फ डोमेन और होस्टिंग का बेसिक खर्च ३ से ४,००० सालाना आएगा। इसके अलावा आप जो थीम और प्लगइन का उपयोग करेंगे उसके लिए खर्च आप पे निर्भर है | नॉर्मली १०,००० में बढ़िया वेबसाइट बन सकती है |

उदाहरण के तौर पे , मै एक ट्रैवेल एजेंट की वेबसाइट पे काम कर रहा था।  तब उसके लिए बजेट का सवाल आया। इस वेबसाइट को बनाने के लिए कितना खर्च आएगा। 

पहले तो एक सिंपल वेबसाइट बनाने के लिए ६-७,००० लगने वाला है।

इससे आगे जाके कुछ पेड प्लगइन के जरिए २०,००० का बजट हो रहा था।

बढ़िया SEO के साथ २५ ब्लॉग पोस्ट दाल के गूगल बिज़नेस बनाके एक बेस्ट लीड जेनेरेट वेबसाइट का खर्च ४०-५० हजार तक जा रहा है।

इसी को देखते हुए वेबसाइट कैसी होनी चाहिए इसपे वेबसाइट का खर्च तय होता है। 

अपने प्रतियोगी की वेबसाइट की रिसर्च  करें |  

मार्केट में क्या चल रहा है उसे जानने के हमें अपने मुख्य प्रतियोगियों की वेबसाइटों पर एक नज़र डालनी और ध्यान देंना चाहिए। कि वे क्या अच्छा करते हैं, वे क्या बेहतर कर रहे हैं और कुछ भी जो आप उनसे सीख सकते हैं।

आप अपने कॉम्पिटिटर और आप के बिज़नेस के रिलेटेड जो भी वेबसाइट होगी उसे देखेंगे तो आप को अपनी साइट कैसी होनी  चाहिए इसका पिक्चर दिमाग मे तैयार होगा  |  उसे आपको  कागज़ पे उतार के रखना है |

इससे हमें अपनी वेबसाइट के लिए बहुत मदद होनेवाली है। 

कन्टेन्ट की रणनीति बनाएँ। (Content Strategy)

जब हम अपना ब्लॉग/वेबसाइट बनाते है, तो कंटेन्ट ही अपने वेबसाइट की जान होता है। आप अपनी वेबसाइट पर किस तरह की कन्टेन्ट प्रदर्शित करेंगे? कन्टेन्ट मूल रूप से कुछ भी है जो आपके विजिटर/ग्राहक  को जानकारी देती है। 

आपने अपने कॉम्पिटेटर के वेबसाइट को देखा, अपनी कन्टेन्ट सूची को पूरा किया है। अब उस सभी उपयोगी डेटा को लेने और अपने साइटमैप को आकार देने का समय आ गया है।

इस स्तर तक यह अच्छी तरह से स्पष्ट हो सकता है कि आपकी वेबसाइट को किन पेज को शामिल करने की आवश्यकता है और उन्हें कैसे वर्गीकृत किया जाना चाहिए।

आप अपने साइटमैप को बनाने के लिए एक स्प्रेडशीट का उपयोग कर सकते हैं।

यह तय करें कि आप किन पेज का उपयोग कर रहे हैं और प्रत्येक पेज में कौन सी सुविधाएँ होंगी। अधिकांश वेबसाइटों में एक About और Contact पेज होता है |

आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले पेज आपके व्यवसाय की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

  • अपनी वेबसाइट को हल्का लाइट वेट रखें ताकि यह जल्दी से लोड हो।
  • पेज पर कंपनी का लोगो और टैग लाइन बनाएं।
  • शैलियों और रंगों को वेबसाइट पर लगातार बनाके रखें।
  • महत्वपूर्ण जानकारी और सुविधाएँ (जैसे, न्यूज़लेटर, साइन-अप फ़ॉर्म) को ऊपर रखें।
  • एक बार जब आप अपनी साइट बना लेते हैं, तो यह सुनिश्चित कर लें कि सभी पेज और ग्राफिक्स सही ढंग से लोड हो रहे  हैं। 
  • विभिन्न ब्राउज़रों (क्रोम, फ़ायरफ़ॉक्स, एज और सफारी) पर अपनी साइट का पूर्वावलोकन करे |
  • साथ ही साथ मोबाइल डिवाइस (स्मार्टफोन और टैबलेट) पर भी सभी कन्टेन्ट सही से दिखाई दें और काम करें।

अब आप उपयुक्त रूप से एक वेबसाइट के डिजाइन और विकास को तैयार करने के लिए तैयार हैं। प्लॅनिंग के जरिए आपके उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को पूरा करता है और उन्हें ग्राहकों में परिवर्तित करता है। 

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