जब भी हम वेबसाइट शुरू  करने की सोचते है, तो पहले डोमेन और होस्टिंग के बारे में मन में विचार आता है |  होस्टिंग पे कितना खर्चा आएगा मेरी साइट का स्पीड, लोड ये सब ठीक होगा क्या नहीं ये जानना महत्वपूर्ण है |

तो चलिए जान लेते है होस्टिंग के बारे में |

वेब होस्टिंग क्या है ?

एक ऐसी जगह जहा पे हम अपनी वेबसाइट के लिए लगने वाले सभी प्रकार की फाइल्स, इमेजेस , एप्लीकेशन रख सकते है |  और कोई भी इंटरनेट ब्राउज़र की मदत से हमारी वेबसाइट ओपन कर सकता है |

जैसे हम अपने लैपटॉप पे हमारे सब फाइल्स, सॉफ्टवेयर रखते है |  वैसी ही हमें जो सर्वर पे जगह चाहिए वो हमें वेब होस्टिंग के जरिये मिलती है |

हम अपने वेबसाइट को अपने लैपटॉप से भी चला सकते है |  लेकिन इसके लिए हमें २४ घंटे हमारा लैपटॉप और इंटरनेट शुरू रहना चाहिए | इससे अच्छा ये है की हम होस्टिंग खरीद लेते है, और सर्वर पे हमारी वेबसाइट ३६५ दिन २४ घंटे शुरू रहती है | 

वेब होस्टिंग एक ऐसी सेवा है जो हमें वेबसाइट  के लिए आवश्यक तकनीकों और सेवाओं को प्रदान करता है।

होस्टिंग कितने प्रकार की होती है ?

तो अब हम देखते है वेब होस्टिंग के सामान्य प्रकारों की सूची और यह पता लगाने की कोशिश करते है कि कौन सा आपकी और आपकी आवश्यकताओं के लिए सबसे उपयुक्त है।

शेयर्ड  होस्टिंग

एक साझा होस्टिंग में, कई वेबसाइटों को एक सर्वर पर रखा जाता है। इस तरह, वेब होस्ट अपनी लागत कम कर सकता है, और सेवाएं सस्ती हो जाएंगी।

स्टोरेज और बैंडविड्थ पर सीमाएं शामिल हैं, और आपकी वेबसाइट का प्रदर्शन अन्य वेबसाइटों की जरूरतों से काफी हद तक प्रभावित होता है, क्योंकि आप उसी सर्वर संसाधनों को साझाकरते है ।

यह होस्टिंग सेवा उन वेबसाइटों के लिए आदर्श है जिन्हें बहुत अधिक बैंडविड्थ, डिस्क स्टोरेज या सीपीयू खपत की आवश्यकता नहीं है।

इसका मुख्य लाभ ये है के इसके प्लान  सबसे सस्ते होते है | 

यदि आप अपना ऑनलाइन कारोबार शुरू कर रहे हैं और लागतों पर नजर रखने की कोशिश कर रहे हैं तो शेयर होस्टिंग एक बढ़िया विकल्प है। 

 

वर्चुअल प्राइवेट सर्वर (VPS)

आमतौर पर, अपने वेब होस्टिंग के साथ आप अपने व्यवसाय को विकसित करने वाले पहले प्रकार के अपग्रेड को साझा वेब होस्टिंग खाते से वर्चुअल प्राइवेट सर्वर तक करते हैं।

 इस सेटअप में, VPSs एक भौतिक सर्वर पर मौजूद है, हार्डवेयर साझा कर रहा है और उस सर्वर की कंप्यूटिंग शक्ति का एक गारंटीकृत हिस्सा है।

लेकिन एक VPS कार्य करता है जैसे कि यह दूसरों से एक अलग सर्वर था इसलिए वहां होस्ट की गई अन्य साइटें आपकी साइट को बिल्कुल प्रभावित नहीं करेंगी।

ये वर्चुअल प्राइवेट सर्वर आपको लगभग प्रति माह ५०० से ५००० रुपये में मिल सकता है |  यह इस बात पर आधारित है कि आपको कितनी समर्पित बैंडविड्थ , प्रोसेसर , स्पेस और मेमरी की आवश्यकता है।

 

डेडिकेटेड (समर्पित) होस्टिंग

एक समर्पित होस्टिंग में, आपकी वेबसाइट सर्वर पर होस्ट की गई एकमात्र होती  है। क्योंकि आप सर्वर संसाधनों को अन्य वेबसाइटों के साथ साझा नहीं कर रहे हैं, आपकी सीमा सर्वर की है।

यह होस्टिंग सेवा उन लोगों के लिए है जो एक बहुत ही लोकप्रिय वेबसाइट चलाने की योजना बनाते हैं, इसके लिए बहुत सी डिस्क स्थान की आवश्यकता होती है या स्क्रिप्ट चलती है जिसमें औसत सीपीयू खपत से अधिक की आवश्यकता होती है।

जैसे हम अपना लैपटॉप लेते वक्त प्रोसेसर , RAM , हार्ड डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम देख के लेते है | और उसी हिसाब से उसकी कीमत चेंज होती है वैसे ही इसके महीने  चार्जेज काम ज्यादा होते है | 

इसका महीने का खर्चा लगभग १०००० तक आता है |  

 

क्लाउड बेस वेब होस्टिंग 

सब कुछ इन दिनों बादल में है, यहां तक कि वेब होस्टिंग भी। इस मॉडल में, आपके पास अलग-अलग सर्वर हैं, उनमें से सैकड़ों, जो कि अनिवार्य रूप से एक बहुत मजबूत सर्वर है बनाने के लिए संयोजन में काम कर रहा है।

आपको यह फायदा होगा कि यदि आपको ट्रैफ़िक में बड़ी तेजी मिलती है तो क्लाउड-आधारित वेब होस्टिंग योजना इसे संभाल सकती है ।

इस प्रकार की वेब होस्टिंग योजनाओं के साथ, आपके पास आमतौर पर आपके द्वारा उपयोग किए जाने के आधार पर एक अनुकूलित बिलिंग संरचना होती है।

 

होस्टिंग के फीचर्स  क्या होते है

हमारी वेबसाइट कैसे होगी और उसपे कितना लोड आ सकता है |  विज़िटर का फ्लो कितना होगा | इन सभी को ध्यान में रखते हु, होस्टिंग चार्जेज काम ज्यादा होते है | 

डिस्क 

जब हम होस्टिंग प्लान लेते है तो हमें डिस्क पे जगह दी जाती है |  कितने जीबी का स्पेस हमें मिलता है | इससे चार्जेज काम ज्यादा होते है |

हम इस डिस्क पे हमारे फाइल्स सॉफ्टवेयर, इमेजेस जैसे डाटा को स्टोर करने में इस्तमाल करते है |

शुरवाती दौर में हमें १०  जीबी का स्पेस  बहुत होता है | 

ईमेल अकाउंट 

ईमेल खाते होस्टिंग की एक सामान्य विशेषता है, खासकर यदि आप एक डोमेन होस्ट कर रहे हैं।

तीन मुख्य प्रकार के ईमेल खाते हैं: POP3, अग्रेषण (फॉरवार्डिंग) और उपनाम।

  • POP3 खाते पारंपरिक इनबॉक्स हैं। आपके पास अपने ईमेल को संग्रहीत करने के लिए सर्वर पर जगह है, और साथ ही, आप अपने मेल को डाउनलोड करने के लिए एक ईमेल प्रोग्राम का उपयोग कर सकते हैं। प्रत्येक लॉगिन और पासवर्ड संयोजन आमतौर पर एक खाते के बराबर होता है।
  • अग्रेषण (फॉरवर्डिंग ) – यदि आप अपने ईमेल को फ़िल्टर करने के लिए किसी अन्य कंपनी की सेवा में कार्यरत हैं, तो अग्रेषण मेल खाते उपयोगी हैं। अपने मेल सर्वर पर अपने ईमेल को संग्रहीत करने के बजाय, ईमेल को दूसरे ईमेल पते पर पुनः निर्देशित किया जाता है।
  • उपनाम खाते अग्रेषित मेल खातों के समान हैं। कुछ होस्ट आपको एक कैच-सभी उपनाम सेट करने की अनुमति देते हैं, जो अक्सर आपके मेल सर्वर द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं पते पर भेजे गए ईमेल को इकट्ठा करने के लिए उपयोग किया जाता है।

FTP  Access  (एफ़टीपी )

इसका उपयोग आपको आपके वेब पेज, फाइल्स, प्रोग्राम्स आदि को अपने साइट पे जल्द अपलोड करने में होता है |  एफ़टीपी के उपयोग से फाइलें सर्वर में स्थानांतरित (ट्रान्सफर ) हो जाती हैं।

वेब सर्वर  – लिनक्स  या  विंडोज

 ये दो वेब सर्वर प्लेटफ़ॉर्म कार्यात्मक रूप से समतुल्य हैं, यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी होस्टिंग की ज़रूरतें क्या हैं और आप किस चीज़ के साथ बहुत सहज हैं।

दोनों प्लेटफार्मों में लागत, उपयोग में आसानी, बहुमुखी प्रतिभा और स्थिरता में भिन्नता है। विंडोज की लागत लिनक्स से अधिक है।

लिनक्स होस्टिंग लेना सस्ता पड़ता है |  वर्डप्रेस के लिए लिनक्स होस्टिंग बढ़िया ऑप्शन होता है |

आप अपनी साइट पे कोनसे सॉफ्टवेयर लगने  वाले है और वो कोनसे सर्वर पे अच्छा काम करेंगे वो देखना होगा | डेटाबेस साइट के लिए विंडोज सर्वर की जरुरत पड़ती है |

वेब होस्टिंग सेलेक्ट करने के  कुछ टिप्स

  • सभी चीजों में से, वेब होस्ट चुनते समय ग्राहक सेवा सबसे महत्वपूर्ण बात है।
  • ओवरसैलिंग से सावधान रहें |  उदाहरण के तौर पे ,असीमित बैंडविड्थ और अन्य उपहारों का वादा जो अच्छा लगता है, लेकिन वास्तव में, आपकी आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह अप्रासंगिक हो सकता  है | 
  • ९९ स्टार मार्क जहा पे हो उसके पीछे का राज पहले जान ले |
  • डिस्काउंट ऑफर होस्टिंग के साथ डोमेन नेम फ्री जैसा , पहले साल तो फ्री मिल जायेगा लेकिन अगले साल से मार्केट  से २०० से ३०० रुपये तक महंगा हो सकता रेन्यु करते समय | 
  • रूल्स और रेगुलेशन पे ध्यान दे |
  • खरीद करते वक़्त १ साल का ही पैकेज ले आगे कुछ प्रॉब्लम होता है तो दूसरे सर्विस प्रोवाइडर को चुन सकते है ।