साइलो स्ट्रक्चर क्या है और कैसे काम करता है ?


साइलो (Silo) स्ट्रक्चर एक की ऐसी तकनीक है जिससे अपने ब्लॉग का सर्च रैंकिंग बढ़ने में मदत मिलती है |

जब कोई सर्च इंजिन क्वेरी टाइप  करता है तो उसे जो रिजल्ट आते है | यही हमने उसे कीवर्ड के विषय के हिसाब से हमने एक से ज्यादा पोस्ट लिखी होगी और उसे प्रॉपर तरीके से इंटरलिंक करते है सर्च इंजिन के नजर में अपना पोस्ट रैंक के लिए बढ़िया बन जाता है | 

साइलो स्ट्रक्चर क्या है ?

साइलो आर्किटेक्चर सूचना वास्तुकला की एक प्रणाली है जो उन सामग्रियों (contents) को समूह (group) में व्यवस्थित करती है जो किसी वेबसाइट के साइटमैप में किसी विशेष विषय (topic) से संबंधित हैं।

साइलो स्ट्रक्चर के प्रकार

साइलो सामग्री के दो प्रकार हैं:
• भौतिक साइलो सामग्री  (Physical Content Silos)
• आभासी साइलो सामग्री (Virtual Content Silos)

भौतिक साइलो सामग्री (Physical Silo Content)

एक भौतिक साइलो वह जगह है जहां आप अपनी वेबसाइट के URL संरचना में फ़ोल्डर्स का उपयोग करके category (श्रेणियां) बनाते हैं।

फ़ोल्डर संरचना आपके visitor (आगंतुकों) और Google को बताती है कि आपकी सामग्री कैसे व्यवस्थित है।

  • www.website.com/seo.html
  • www.website.com/on-page-seo/on-page-seo-kaise-kare
  • www.website.com/on-page-seo/internal-link-kya-hai
  • www.website.com/off-page-seo/backlink-kaise-banaye
  • www.website.com/off-page-seo/social-media

आभासी साइलो सामग्री (Virtual Silo Content)

आभासी /वर्चुअल का सीधा मतलब न दिखनेवाला स्ट्रक्चर। आभासी साइलो सामग्री एक केटेगरी है जिसे आप इंटर्नल लिंकिंग वेबपेज के माध्यम से बनाते हैं।

वर्चुअल साइलो में, प्रत्येक सहायक पेज केटेगरी लैंडिंग पेज से जुड़ा होता है और उस विषय के लिए अन्य सहायक पेजो से भी जुड़ा होता है।

एक ही विषय के अलग अलग पेज को इंटर लिंक कर के एक चैन बनाई जाती है। इस वेबसाइट पे मैंने इस तकनीक का उपयोग किया है।

पहले एक केटेगरी पेज बनाया है। webguide.in/build-website-in-hindi/ इस पेज वेबसाइट कैसे बनाई उसके बारे में समरी लिखी हुई है। ब्लॉग कैसे बनाए ये बताते वक्त पहले वेबसाइट की प्लानिंग कैसे करे उसपे थोड़ा बताके एक लिंक साझा की है वेबसाइट बनाने की प्लानिंग

आगे वर्डप्रेस सीएमएस के बारे बताके webguide.in/wordpress-kya-hai/ ये लिंक के जरिए इसके बारे ज्यादा जानकारी नए पोस्ट के साथ दी है।

डोमेन क्या है , वर्डप्रेस इन्स्टॉल कैसे करे , थीम कोनसी ले , प्लगइन कोनसे लगाने है, ऐसी बहुत सारी पोस्ट बनाके इस पेज के जरिए लिंक किया हुआ है। और हर पोस्ट से भी इंटरलिंक किया हुआ है।

इस प्रकार से जब हम एक चैन बनाते है उसे साइलो स्ट्रक्चर कहा जाता है।

Virtual Silo साइलो स्ट्रक्चर का उपयोग कैसे करे

वर्चुअल साइलो संरचना को लागू करने के लिए, आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि प्रत्येक साइलो में एक category post और कम से कम पांच सहायक post हों। category post सभी सहायक पेज लिंक होगा, और सभी सहायक पेज किसी तरह केटेगरी पोस्ट से लिंक होंगे। सहायक पोस्ट को एक दूसरे से लिंक करना चाहिए। आप एक ही साइलो में अन्य पृष्ठों को दिखाने वाले प्रत्येक पेज के नीचे की ओर लिंक की एक नेविगेशन सूची बनाकर इसे प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं।

यदि आपका केटेगरी पोस्ट एक ऐसे टार्गेटेड कीवर्ड का प्रतिनिधित्व करता है जिसे आप अच्छी तरह से रैंक करना चाहते हैं, तो आपको अपने सहायक पोस्ट में भी उस कीवर्ड का उपयोग करना होगा। 

यदि आपको दो अलग-अलग साइलो के बीच लिंक करना है, तो कैटेगरी पेज पे अन्य साइलो के लिए आउटगोइंग लिंक  बनाएं।

सहायक पोस्ट को दूसरे केटेगरी पेज के सहायक पोस्ट से  लिंक न करें क्योंकि यह एसईओ साइलो संरचना के सभी समावेशी प्रकृति को बाधित करेगा। आपको वर्चुअल सिलोस के भीतर जितना संभव हो उतना लिंक रखना याद रखना होगा।

कैसे साइलो स्ट्रक्चर SEO में फायदेमंद होता है ?

जब हमारा एक कीवर्ड एक पोस्ट पे रैंक करता है। और उस पोस्ट उसी विषय पे इंटरलिंक स्ट्रक्चर होता है। तो सर्च इंजिन उस लिंक को भी पढ़ लेता है। उसे ये यकीन होता है की इस कीवर्ड से जुड़े सभी पोस्ट पे हमने अच्छा लिखा होगा तो उन पोस्ट को भी प्रायोरिटी से अपने रिजल्ट में शामिल करने की कोशिश करता है।

ऐसा कोई साधन नहीं है के हमें पता चले की गूगल हमारी वेबसाइट को कैसे रैंक करता है | हमें इतना मालूम है की गुणवत्ता वाली सामग्री प्रदान करना है |

इंटरलिंक करने में आसानी

अपनी साइट पर बैकलिंक बनाते समय, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ये बैकलिंक उपयोगकर्ताओं को आपकी साइट पर सामग्री खोजने में मदद करें।
एक साइलो संरचना आपको sub category में पोस्ट के लिए top category के बीच लिंक करने की अनुमति देगा, जो होम पेज पर वापस लिंक कर सकते हैं। यह इंटरलिंकिंग मूल्यवान है क्योंकि यह खोज इंजन क्रॉलर को आपकी पूरी साइट को क्रॉल करने में मदद करता है। इसमें यह संभावना बढ़ जाती है कि प्रासंगिक लेख और पोस्ट विशिष्ट खोज शब्दों के लिए रैंक प्राप्त करें।

Keyword Relevancy और Context बनाते हैं

सर्च इंजिन साइट को index करता है तब कीवर्ड relevancey को पेज की सामग्री में देख लेता है | यह वेबसाइट के संदर्भ (context) को भी ध्यान में रखता है। सर्च में आने के अवसरों को बढ़ाने के लिए कीवर्ड की प्रासंगिकता और संदर्भ की आवश्यकता है।

उचित इंटरलिंकिंग के साथ, आप उन अवसरों में सुधार करेंगे जो आपकी किसी भी वेबसाइट सामग्री से कम नहीं हैं, जो खोज इंजन द्वारा अनदेखी की गई हैं।

यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाते हैं

आपकी वेबसाइट पर सबसे छोटी समस्या जब वे आपकी साइट पर आते हैं तो बैक बटन पर क्लिक करने वाले विज़िटर को ड्रॉ कर सकते हैं।
आपकी व्यवसाय वेबसाइट में सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक स्पष्ट रूप से संरचित सामग्री होनी चाहिए। जब ग्राहक समझ जाते हैं कि आपकी वेबसाइट एक नज़र में क्या है और उन्हें कैसे जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता है, तो वे आपकी साइट पर अधिक समय बिताएंगे।
आपकी साइट पर एक साइलो संरचना का उपयोग करना आसानी से नेविगेशन बनाता है और उपयोगकर्ता अनुभव में सुधार करेगा।

फिजिकल और वर्चुअल साइलो में क्या डिफ़रेन्स है ?

फिजिकल साइलो फिजिकल फ़ाइल और फ़ोल्डर के संरचना (Structure) से बनता है।
वर्चुअल साइलो में समान संरचना बनाने के लिए सामग्री को एक साथ इंटरलिंक करना शामिल है।


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