गूगल सर्च कैसे काम करता है?


हम जब सर्च इंजन में कुछ पता करने की कोशिश करते है। उस समय हमें कुछ माइक्रो सेकंड में रिजल्ट दिखाई देता है। उस रिजल्ट का उपयोग हमें जो चाहिए वो खोजने में मदद करता है।

मै ब्लॉग के लिए रिसर्च करते वक्त जो इसके बारे में पढ़ने मिला है। और उससे मुझे जो समझ आया है। उसे सीधे शब्दों में लिखने की कोशिश कर रहा हु।

आपके क्वेरी का अर्थ क्या है ?

हमने सर्च करने में जो लिखा उससे हमारा इरादा क्या है। मतलब हमें क्या रिजल्ट मिलने अपेक्षा है। हमारी अपेक्षा नुसार रिजल्ट देने से सर्च इंजन की विश्वनियता बढ़ने वाली है।

इस लिए सर्च इंजीन को बड़ी सावधानी से रिजल्ट दिखाना होता है।

जब हम सर्च बॉक्स क्वेरी रखते है और कुछ स्पेलिंग की गलती करते है। तब सर्च इंजन इसके बारे में बताता है। और करेक्ट कर के रिजल्ट बताता है।

हमने सर्च में सटीक शब्दों को नहीं डाला तो भी रिजल्ट बराबर आ जाता है।

उदाहरण के लिए , हमने सर्च बॉक्स में change laptop brightness लिखा है। परन्तु लैपटॉप मनुफैक्टरने इस कीवर्ड का उपयोग उसके मैन्युअल में नहीं किया। इसके बदले मैन्युअल में adjust laptop brightness लिखा हुआ है।

सर्च इंजन इसका इन्टेंट समझ जाता है के क्वेरी में ब्राइटनेस कम ज्यादा करना है। उसीको देखते हुए वो हमें रिजल्ट दिखाता है।

एक शब्द लेते है change इसका अर्थ अलग अलग सर्च में बदलता है।

replace – how to change blub

Exchange – does post office change foreign currency

Adjust – how to change brightness on a laptop

सिख – ब्लॉग में लिखते हुए ये ध्यान में रखना है के क्वेरी के हिसाब से अपना कन्टेन्ट है, तो समान दिखने वाले अलग अलग शब्दों का चयन करना जरुरी नहीं। इसे कीवर्ड स्टफ़िंग कहते है।

सबसे अच्छा सिग्नल सर्च क्वेरी में शब्द हो, वो वेब पेज में, हेडिंग में, बॉडी में हो वो रेलेवैंट रिजल्ट श्रेणी आ जाता। है। इसके साथ इमेज, वीडियो, और क्वेरी के रिलेवेंट वाक्य रिजल्ट में हो। वेब लिंक

कन्टेन्ट क्वालिटी

वेबसाइट लिंक, कन्टेन्ट रेफेरेंस , eat


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