blog ka da kaise check kare

हम जब अपना ब्लॉग या वेबसाइट बनाते है तो सभी एक बात बार बार करते है की इस ब्लॉग का DA इतना है। हमें अपने ब्लॉग का DA (डोमेन ऑथोरिटी ) कितना है। इसे पता करने की चाह लगी रहती है। तो देखते है के ये DA क्या है। और DA को कैसे और कहासे देखते है।

DA डोमेन ऑथोरिटी का मतलब क्या है?

DA को डोमेन ऑथोरिटी कहते है। DA एक सर्च इंजिन रैंकिंग स्कोर है। उसे MOZ ने बनाया है। इससे ये पता चलता है सर्च इंजिन रिजल्ट पेज पे वेबसाइट कहा पे है।

डोमेन ऑथोरिटी गूगल का रैंकिंग फैक्टर नहीं है। इससे सर्च इंजिन रिजल्ट पेज को कोई इम्पैक्ट नहीं पड़ता।

DA को कॅल्क्युलेट कैसे करते है ?

DA स्कोर ०-१०० के बिच में रहता है। ब्लॉग पे कितनी बैकलिंक है। जो बैकलिंक आ रही है उसमे से कितनी डु फॉलो बैकलिंक है और कितनी नो फॉलो बैकलिंक है। वो देखा जाता है। जो बैकलिंक मिल रही है उनका स्पैम स्कोर कितना है। ज्यादा स्पैम स्कोर होगा तो DA पर निगेटिव्ह इम्पैक्ट आता है।

अच्छे DA वाली वेबसाइट से बैकलिंक मिलती है। तो वो ज्यादा पावरफुल होती है।

क्या अच्छा DA हो तो ट्रैफिक ज्यादा आता है ?

जो ये DA पैरामीटर है वो हमें हमने अपने वेबसाइट पे जो काम किया है। उसके बारे में हमें बताता है। सिर्फ बैकलिंक बनाके और वेबसाइट पे कम कन्टेन्ट हो तो उससे हमें सर्च इंजिन में जगह नहीं मिलती। सर्च इंजिन कन्टेन्ट देख के अपने वेबसाइट को रैंक करता है।

जब सर्च इंजिन वेबसाइट को रैंक करता है। अपने कीवर्ड टॉप में आते है। उसके बाद DA वाला आके बताता है की आपकी वेबसाइट का DA इतना हो गया।

आसान शब्दों में कहे तो , स्कूल में बच्चा सालभर मेहनत करता है और अंतिम परीक्षा में अच्छे नंबर पाता है। जो नंबर मिले उसे DA समझे। अब ये DA कहा से मिला जो आपने काम किया उससे। इसे एक सर्टिफिकेट के तौर पे देखना होगा ।

DA को कहा पे चेक करे ?

DA को चेक करने के लिए निचे दिए गए लिंक का सहारा ले।

लिंक एक्स्प्लोरर इसके लिए फ्री का अकाउंट बनाना होगा।

मोझ बार ये एक टूलबार है उसे डाउनलोड कर के इनस्टॉल करना होगा।

DA चेकर – इससे आप आसानी से सिर्फ वेबसाइट का नाम दाल के DA चेक कर सकते है।

आखरी शब्द

मै DA को कैसे इस्तमाल करता हु। मेरे हिसाब से ये एक स्कोर है। मै DA बढ़ाने के लिए बैकलिंक बनाने के लिए पीछे नहीं पड़ता। मुझे एक ही बात मालूम है अपने वेबसाइट को कन्टेन्ट के जरिए रैंक करना ही अपना काम है। कन्टेन्ट अच्छा होगा तो ट्रैफिक बढ़ेगा, इसमें अपने हजारो कीवर्ड भी रैंक करेंगे, कन्टेन्ट को देख के नैचरल बैकलिंक भी आते है। फिर ऑटोमेटिक DA वाला आके DA बढ़ाता है। कभी मुझे ऐसा लगता है की अपनी वेबसाइट को बेचना है तो ज्यादा से ज्यादा बैकलिंक को बनाऊंगा। इससे वेबसाइट की कीमत बढ़ जाएगी।

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