ब्लॉग बनाने के बाद हमें लगता है के हमने ब्लॉग को सही तरह से बनाया है | लेकिन क्या गलतिया हो रही है वो समज नहीं आता |  हमारा ब्लॉग सही तरीखे के बना है क्या नहीं देखना है | हमें अपने ब्लॉग पे रहनेवाली खामिया निकालने के कुछ टूल्स जरुरी होते है। उनके सहयोग से हम अपने ब्लॉग की खामिया दूर कर सकते है।

वेबसाइट ऑडिट क्या है ?

सर्च इंजिन के पहले पेज पे आनेके लिए हमारे वेबसाइट की कमिया दूर करना आवश्यक होता है। इसके लिए जो हम अलग अलग प्रयास करते है। उसे ही सीधे शब्दों में वेबसाइट ऑडिट कह सकते है।

अपनी वेबसाइट का ऑडिट करना यह निर्धारित कर सकता है कि यह अपने ट्रैफ़िक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए योग्य है या नहीं। हमें यह समझ देता है कि हम उन लक्ष्यों तक पहुँचने के लिए वेबसाइट में कैसे सुधार कर सकते हैं।

वेबसाइट ऑडिट के प्रकार :

वेबसाइट ऑडिट मै बहुत सारे टाइप होते है। जैसे की लीड कन्वर्शन, लिंक बिल्डिंग, टेक्निकल, सोशल मीडिया।

प्रतिस्पर्धी वेबसाइट ऑडिट:

प्रतिस्पर्धी वेबसाइट ऑडिट आपके प्रतिस्पर्धियों और उनकी ऑनलाइन रणनीतियों को ट्रैक करता है ताकि आपको यह देखने में मदद मिल सके कि आपका ब्रांड किन अवसरों से चूक रहा है। प्रतिस्पर्धी ऑडिट आपको यह देखने की अनुमति देता है कि आपके बाजार में अन्य कंपनियों के लिए क्या कन्सेप्ट काम कर रहा है, ताकि आप उन युक्तियों को अपनी रणनीति में शामिल कर सकते है ।

प्रतियोगी की वेबसाइट पर SWOT विश्लेषण करके अपने वेबसाइट के कमजोरी का पता लगा सकते है । SWOT विश्लेषण में, हम वेबसाइट की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों को ट्रैक करते हैं। ताकत का एक उदाहरण यह हो सकता है कि आपकी वेबसाइट की तुलना में उनकी वेबसाइट नेविगेट करना आसान है। कमजोरी यह हो सकती है कि उनकी वेबसाइट का पेज लोडिंग समय धीमा है। अवसर उनकी वेबसाइट से कुछ आइटम या उपकरण गायब हो सकते हैं जिन्हें हम इसे अपने वेबसाइट को बढ़त देने के लिए जोड़ सकते हैं।

एक खतरा यह हो सकता है कि उनकी वेबसाइट आपकी वेबसाइट की तुलना में SERPs में उच्च रैंक करती है, जिसके परिणामस्वरूप आपकी वेबसाइट को लीड कम आते है।

इस ऑडिट के दौरान, हमें उन टूल और सॉफ़्टवेयर पर विचार करने की आवश्यकता है, जिनका उपयोग वे अपनी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए कर रहे हैं। इससे अपनी साइट को अधिक कुशलता से चलाने और दर्शको के लिए अधिक सुलभ बनाने के नए तरीके खोजने में मदद मिल सकती है।

एसईओ लिंक ऑडिट:

इस प्रकार का ऑडिट हमें बैकलिंक प्रोफाइल में संभावित इश्यू या अवसरों को खोजने के लिए हमारी वेबसाइट की ओर इशारा करने वाले लिंक को देखता है। हमारे लिंक का मूल्यांकन करके, यह ऑडिट हमारी साइट को अपने लक्षित कीवर्ड के लिए रैंक करने के लिए अनुकूलित करने में मदद करेगा।

लिंक ऑडिट में URL स्रोत, डोमेन और एंकर टेक्स्ट को देखते हैं, इससे हमें ये पता चलता है कि क्या हमें “लिंक जूस” अच्छे से मिल रहा है। इससे हमें यह पता चलेगा कि कोई लिंक SERPs में हमारी वेबसाइट की विजिबिलिटी में कितनी मदद कर रहा है या उसे नुकसान पहुंचा रहा है।

वेबसाइट ऑडिट टूल

बहोत सारे टूल आपको मिल जायेगे | लेकिन हम फ्री टूल की मदद से ऑडिट करने वाले है | इसमें हमें हर टूल में कुछ ना कुछ लिमिट होंगे | हम दो या चार टूल्स के जरिए अपने ब्लॉग का ऑडिट करते है।

जितना फ्री में वो टूल से अपने ब्लॉग को सुधार सके उतना काम कर लेंगे | आप फ्री टूल्स के जरिए आसानी से अपने ब्लॉग को सुधार सकते है।

image – my pixteller account

१ – Search Console

जब हम ब्लॉग बनाते है, तब हमें Search Console पे डालना ही होता है। और सभी को इसके बारे में मालूम होता है। हमारे ब्लॉग की सारी सर्च कंसोल के जरिए पता चलती है।

हम डैशबोर्ड के जरिए अप ने कितने पेज इंडेक्स हुए है, वो देखते है, उससे साथ जो पेज इंडेक्स नहीं हुए है उसके बारे में हमें पता चल जाता है।

जो कमिया होगी उसको हम ठीक कर लेते है तो हमारा आधे से ज्यादा काम हो जाता है |

२ गूगल एनालिटिक्स

गूगल एनालिटिक्स के जरिये दर्शक के जरिये होनेवाली गतिविधिया देखि जाती है | इन गतिविधियों को बारीकीसे देखने के बाद हमें अपने कन्टेन्ट में क्या बदलाव करने है | इसका पता चलता है |

हमें ये देखना होता है के कहा पे बाउंस रेट ज्यादा आ रहा है | दर्शक पेज पे कितना समय बिता रहे है | ऐसी बहुत सारी बातो को हम चेक करते है और उसकी तहत हम अपना काम कर सकते है |  यदि पेज पे अच्छा ट्रैफिक है और बाउंस रेट ज्यादा आ रहा मतलब हमें कंटेन्ट में कुछ खामिया है उसमे हमें सुधार करना होगा।

३ SEOptimer

४ Marketing Grader

५ – AHREF Tool

६ – iwebchk

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