एफिलिएट मार्केटिंग में ऐसी क्या बात है के ज्यादातर लोग फेल होते है। हम जब पैसे कमाने के तरीके बारे सर्च करते है। तब हमें टॉप में दिखनेवाला विषय – एफिलिएट मार्केटिंग होता है।

जब हम पहली बार इसके बारे पढ़ते है। इसके बारे वीडियो या पोस्ट पढ़ते है, तो हर ब्लॉगर आपको यही बताएगा के एफिलिएट मार्केटिंग के जरिए लाखो कमाए। और ये सब इस प्रकार से बताते के बहुत ही आसानी से आप ये काम कर सकते है।

आपको जब अफिलिएट मार्केटिंग करने के बाद जब रेवेन्यू जेनेरेट नहीं होता तब समझ आता है के हमें सब यू ट्यूबर और ब्लॉगरने बताया उतना आसान नहीं होता। तब आपको लगता है, उस समय बताया था की इस लडके ने इतना कमाया, उसने इतना कमाया।

ये बताया था वो सच था। लेकिन आधा सच था। जब ३-४ हजार लोग अफिलिएट मार्केटिंग करते है, और उसमे से ५-१० लोगो ने पैसे कमाए मतलब बाकी के लोग फ़ैल हो गए होंगे। या उनका इनकम बहुत कम हुआ होगा।

आपको एफिलिएट मार्केटिंग में कामयाबी के लिए निचे दिए कुछ मुद्दों पर गौर करना होगा। और आप इसके जरिए क्या गलतिया आपने की है उसपे भी आप ध्यान दे सकते है। और आगे से गलतिया सुधार सकते है।

एक विषय फोकस नहीं:

ब्लॉग बनाके एफिलिएट करते वक्त एक ही विषय पे फोकस करने के बजाए बहुत सारे विषय पर पोस्ट बनाते है। उससे आप ब्लॉग की ऑटोरिटी के बारे दर्शक के मन में द्विविधा हो जाती है। इस वजह आपके लिंक के जरिए जाने से बचता है। और नए सर्च के साथ ऑथोरिटी ब्लॉग पे जाके उनकी राय देखता है। जब उसे पूरा समाधान हो जाता है तभी वो लिंक के जरिए प्रोडक्ट को ले लेता है।

आप पूरी वैल्यू नहीं देते:

अभी के दौर में बहुत सारे दर्शको को एफिलिएट के बारे पता होता है। उन्हें ये मालूम होता है की आपकी लिंक से आपको फायदा होनेवाला है।

दर्शक सोचते है आप के लिंक से जाने से उनका क्या फायदा होनेवाला है। आपने दर्शको को ध्यान में रखते हुए सही कपरिशन किया है क्या, हाउ टू पोस्ट के जरिए प्रोडक्ट को कैसे इस्तमाल करे इसके बारे में लिखा होगा। इसी प्रकार से आपने दर्शको को वैल्यू ऑडिशन दिया होगा तो दर्शको आपके लिंक का उपयोग कर प्रोडक्ट ले सकते है। आप इसके साथ कुछ बोनस ऑफर कर रहे हो तो कन्वर्शन होने के चान्सेस बढ़ते है।

एफिलिएट लिंक के बारे में बताए:

आपने प्रोडक्ट के बारे लिखा है और आपने एफिलिएट लिंक से आपको थोडासा फायदा मिलनेवाला है। ये यदि नहीं बताया तो उसका निगेटिव्ह इम्पैक्ट होता है। और दर्शक आपके लिंक का उपयोग करनेसे बचता है।

खुद उपयोग किए बिना प्रोडक्ट का मार्केटिंग:

यदि आपने खुद उस प्रोडक्ट का इस्तमाल नहीं किया है, और एफिलिएट कर रहे हो तो आपको कम कामयाबी मिलनेवाली है। आपने सिर्फ सिर्फ प्रोडक्ट के पढ़ा है। आप जब उसका उपयोग करते है, तब आपको प्रोडक्ट के खूबियों के बारे पता चलता है। और क्या खामिया है वो भी बता सकते है।

दर्शकोने इतना रिसर्च किया होता है के उसको समझ आता है, सच में आपको प्रोडक्ट के बारे में कितनी समझ है।

बहुत बिक्री होनेवाला प्रोडक्ट:

ऐसा प्रोडक्ट आप चुन लेते है। उसकी मार्केट में बहुत सारी बिक्री हो रही है। वैसे प्रोडक्ट का मार्केटिंग बहुत सारे अफिलिएटर पहलेसे कर रहे होते है। उनके मुकाबले आपका रिव्यू टिक पाता है या नहीं।

ऐसे प्रोडक्ट में कामयाब होने के लिए आपको बहुत डिटेल्स में पोस्ट बनाना होगा।

उदाहरण के तौर पे, हम वेब होस्टिंग लेते है। बहुत सारे होस्टिंग प्रोवाइडर मार्केट में उपलब्ध है।

इसमें से सबसे से ज्यादा प्रमोट किये जाने वाला प्रोवाइडर है, होस्टिंगर की होस्टिंग सर्विस। इसे बहुत सारे यू टयूबर , ब्लॉगर प्रमोट कर रहे है। यदि आपको होस्टिंग सर्विस लेनी होगी तो आप सर्च करेंगे के होस्टिंग सर्विस कैसी है। बहुत सारा रिसर्च आप करनेवाले होंगे। इसके लिए आप वीडियो और ब्लॉग पोस्ट के जरिए प्रोडक्ट के बारे में पढ़ लेंगे।

इस रिसर्च के वक्त आपको बहोत ब्लॉगर ने कमीशन के बारे में बताया होगा। अब आप जब होस्टिंगर सर्विस लेने जायेगे तो किस लिंक का उपयोग करनेवाले है। ये अपने मन में ही सोचिए। आपको जवाब मिला होगा। हम एफिलिएट करते वक्त गलती कहा पे करते है।

जिसने आपको प्रॉपर तरीके से, होस्टिंग के बारे में बताया है। और आगे जाके आनेवाले प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए आपने अपने ब्लॉग पे लिखा हुआ है। और आप कमेंट के जरिए या मेल से कुछ प्रॉब्लम आती है तो सपोर्ट करनेवाले है। साथ ही आप कुछ प्लगइन, या एप्लीकेशन देते है, तो दर्शको के लिए सोने पे सुहागा साबित हो सकता है।

इस प्रकार से आप काम करेंगे तो आपके अफिलिएट लिंक का उपयोग करके दर्शक प्रोडक्ट ले सकते है।

आखरी शब्द :

अफिलिएट मार्केटिंग में काम करते वक्त सिर्फ एक साइट इनकम का सोर्स समझने की गलती लोग करते है।

मार्केटिंग करते वक्त बहुत सारे ना सुनने पड़ते है, और उसके बाद १ सेल्स आती है। उसीका अपग्रेड वर्शन एफिलिएट मार्केटिंग होता है। अफिलिएट के नाम से हमें कंपनी ने उनका प्रतिनिधि बनाया होता है। प्रोडक्ट को बेचने के लिए। एक मार्केटिंग की जॉब जितना ही ये मेहनत और समझ का काम होता है।

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